अध्याय 68 दादाजी का आशीर्वाद

गार्थ का जन्मदिन आ गया था। एस्ट्रिड ने छुट्टी लेने के लिए ऑफिस में फोन किया।

इज़ाबेला संयोग से उधर से गुज़र रही थी और बातचीत उसके कानों में पड़ गई। वह संतुष्ट-सी मुस्कान होंठों पर लिए आगे बढ़ गई।

प्रेस्कॉट परिवार की हवेली में गहमागहमी थी।

जब एस्ट्रिड एक सादा, बेहद साधारण-सा पहनावा पहने पहुँ...

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